धरती की रौशनी बचाने के लिये उन्होंने अपने घर और शहर में अंधेरा कर लिया फिर उजाले में कहीं वह लोग खो गये। दिन की धूप में धरती खिलती रही रात में चंद्रमा की रौशनी में भी उसे चमक मिलती रही इंसान के नारों … more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****wrote 8 months ago: संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि ———————— तारा मण् … more →
wrote 9 months ago: धरती की रौशनी बचाने के लिये उन्होंने अपने घर और शहर में अंधेरा कर लिया फिर उजाले में कहीं वह लोग खो … more →