सालों पहले की घटना है यह । तब मैं अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था । मेरे मकान-मालिक एक सरकारी मुलाजिम हुआ करते थे । वे राज्य सरकार के किस महकमे में कार्यरत थे यह मुझे पता नहीं, मैंने कभी… more →
जिंदगी बस यही हैदीपक भारतदीप wrote 7 months ago: इतिहास में नाम दर्ज करने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये वह किसी भी हद तक जाऐंगे। कहीं जिंदा आदमी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: सालों पहले की घटना है यह । तब मैं अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था । मेरे मकान-मालिक एक … more →