“अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह कोमलता उनकी ग़ज़लों के शिल्प में तों प्रतिबिम्बित हैं लेकिन कथ्य में वे बहुत गहराई लिए हुए हैं. उनक… more →
चराग़े-दिलDevi Nangrani wrote 1 year ago: “अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह … more →