आज मैं एक ब्लाग लेखक का ब्लाग पड़ रहा था जिसमें ब्लाग चोरों के साथ कुछ सहानुभुति दिखाने का आग्रह था। आशय यह कि चोरी होगयी तो क्या बात है? आपका लिखा कोई तो पढ़ रहा है इस पर संतोष कर लो। मुझे ताज्जुब हु… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: आज मैं एक ब्लाग लेखक का ब्लाग पड़ रहा था जिसमें ब्लाग चोरों के साथ कुछ सहानुभुति दिखाने का आग्रह था। … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बदलते मौसम के साथ मन भी यूं बदल जाता है जैसे उसके साथ बंधे हों हाथ ग्रीष्म के जलती दोपहर में व्यग्रत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: लाया फंदेबाज कई तस्वीरें और दिखाते हुए बोला ‘‘दीपक बापू, तुम ही एक दोस्त हो जिससे हम कुछ कह पाते हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: औरत पर अनाचार का प्रश्न उठता है कई बार अभी तक अनुत्तरित है एक प्रश्न कौन करता है उस पर वार दुनियां म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: समाज को टुकडों-टुकडों में बांटकर उसे अब दिखाने के लिए सजाते हर टुकड़े पर लगते मिटटी का लेप और रंग-बिर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पति पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता था. पत्नी को रोज सुबह टीवी पर आने वाले ज्योतिष कार्यक्रम में बहुत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई हमारे दर्द को आकर सहलाये इस चाह में इन्तजार करने का ज़माना अब नहीं रहा किसी के दर्द को सहलाकर हम … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मलेशिया में भारतवंशियों के आन्दोलन पर वहाँ की सरकार का बराबर रवैया अत्यंत चिंता का विषय है और हर समय … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पत्थरों पर लिखी इबारत भी इतिहास का सच बयान नहीं करती जिसे लिखना आता है वह कुछ भी लिख सकता है लिखने प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह प्रतिदिन हिट होने के नुस्खे सबको बताएं और शब्दों के डाक्टर कहलाये मरीज पढ़ते नुस्खा जब तक डाक्टर स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: प्रेम और युद्ध में सब जायज है। क्या इस तर्क को सही मान लिया जाये? पूरी तरह यथार्थ मीवन जीने वाले लोग … more →