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Blogs about: चाँदनी

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आज काली रात है तो क्या...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आज काली रात है तो क्या, कल चाँदनी रात होगी, आज तपती धुप है तो क्या, कल मौसम-ऐ-बहार होगी, आज खाली हाथ … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, amarjeet singh, काली रात, रात, मौसम-ऐ-बहार

मेरा दीवाना दिल धड़कता है10 comments

विनय wrote 1 year ago: मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल-पल चोरी-चोरी तड़पता है, तेरे लिए जीता है तेरे लिए, मरता है ते … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Heart, Love, क़रीब, तन्हाई, दिल, प्यार

ज़ीनत

विनय wrote 1 year ago: गुनचे चाँदनी देखकर मुस्कुराने लगे महक उठी रिदा यह चाँदनी की… शबनमी रात और भी हसीन हो गयी है शा … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, हुस्न, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, रात, हसीन, Beauty

चाँद दर्द का जला, दिल में उतरी चाँदनी

Rohit Jain wrote 1 year ago: चाँद दर्द का जला, दिल में उतरी चाँदनी तन्हाई ही छोड़ गई, जहाँ पे बिखरी चाँदनी ढ़ूंढ़ता ही रह गया सहर, श … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, Mar 2007, 2007, उतरी, कविता, का, गज़ल, चाँद

रक़ाबी चाँद जला दो

विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, आइना, दिल, प्यार

रोज़ सपनों में आता है

विनय wrote 1 year ago: रोज़ सपनों में आता है इन रातों में जगाता है मैं क्यों न जानूँ उसको मैं न पहचानूँ उसको वह मुझसे अजनबी … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, चेहरा, मोहब्बत, रात, नशा, सपना

चाँद गवाह है मेरे प्यार का

विनय wrote 1 year ago: चाँद गवाह है मेरे प्यार का क्या यही ख़्याल है, मेरे यार का कुछ न ख़बर हुई उस पल की कुछ न पता चला उस … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, चाँद, इश्क़, आतिश, बेताब, Love, प्यार, माहताब

खोया-खोया फिरता हूँ

विनय wrote 1 year ago: खोया-खोया फिरता हूँ तेरे बिना ज़िन्दगी तू जो मिल जाये मुझे सँवर जाये ज़िन्दगी तू नहीं तो कुछ नहीं कुछ … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, ख़ुशी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Solitude, खोया

आ री सखी चलें फिर वहीं

विनय wrote 1 year ago: आ री सखी चलें फिर वहीं जहाँ पहली बार मिले थे जहाँ सपनों की गलियाँ छूटी थीं हक़ीक़त के दरवाज़े खुले थे च … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, सखी, बहार, गलियाँ, हक़ीक़त, दरवाज़े, बुनियाद, चाप

दिल में तू नहीं तो क्या है सखी

विनय wrote 1 year ago: दिल में तू नहीं तो क्या है सखी मान ले तू, हम तेरे हैं हमनशीं चाँदनी और सितारों की सरज़मीं महकती हवा औ … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, क़रीब, दिल, प्यार, मंज़िल, ख़ुशबू, मोहब्बत

मेरा दिल धड़का साँसें रुक गयीं1 comment

विनय wrote 1 year ago: मेरा दिल धड़का साँसें रुक गयीं मैं चलता रहा निगाहें थम गयीं यह दिल गया कोई ग़म नहीं लेकिन मोहब्बत नशा … more →

Tags: मेरा गीत, दिल, प्यार, मोहब्बत, धड़कन, नशा, सपना, पूनम

थकने लगी है मोहब्बत की शाम

विनय wrote 1 year ago: थकने लगी है मोहब्बत की शाम सफ़र के राही को न मिला है मक़ाम बुझने लगी है मोहब्बत की रोशनी रात का राही ह … more →

Tags: मेरा गीत, मोहब्बत, सफ़र, मक़ाम, रात, बेवफ़ाई, तूफ़ान, नफ़रत, बाज़ार

कोंपलें हर शाख़ बनी पत्तियाँ अब

विनय wrote 1 year ago: कोंपलें हर शाख़ बनी पत्तियाँ अब दामने-ग़म में लौट गयी ख़िज़ाँ अब देखो उस रात पर शिगाफ़ आने लग गये असरका … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, ग़म, मोहब्बत, रात


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