Blogs about: चाँद
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खिली-खिली महकी बहारें हैं
खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहते शिकारें हैं ठण्डी-ठण्डी सौंधी हवाएँ … more »
तख़लीक़-ए-नज़र
खिली-खिली महकी बहारें हैं
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विनय प्रजापति wrote 6 days ago: खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहत … more »
चाँदनी की बातें
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Grey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 2 weeks ago: कितना झीना है आज आसमाँ में चाँद, निकलो … more »
रात चाँदनी का दरया हुई
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विनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: रात चाँदनी का दरया हुई चल चाँद की कश्त … more »
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
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विनय प्रजापति wrote 4 weeks ago: साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत म … more »
तस्व्वुरे-हुस्नो-सादगिए-'शीना'
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: सुबह-सा चेहरा, माथे पर सूरज-सी बिन्दिय … more »
हम तो हैं परदेस में
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Amarjeet Singh wrote 1 month ago: हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा … more »
वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन … more »
इक दिन तू चली जायेगी
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: मेरी जान न कर मुझसे मोहब्बत इतनी कि इक … more »
शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा चाँद … more »
मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सित … more »
तुम न समझोगे
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे … more »
एक तसल्ली
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: एक तसल्ली मेरे पाँव के नीचे से गुज़रती … more »
दिल तोड़ना at first sight
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: दिल तोड़ना at first sight झूठा गुस्सा उस पर झूठ … more »
माहे-कामिल कहूँ कि शाहे-ख़ुदा कहूँ
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: माहे-कामिल कहूँ कि शाहे-ख़ुदा कहूँ हुस … more »
उफ़! यह मोहब्बत
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: “उफ़! यह मोहब्बत भी क्या चीज़ है कभी बोझ … more »
शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे … more »
वह शाम फिर आयी
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: वह शाम फिर आयी वह गुलाबी चाँद फिर आया व … more »
आँखों से सुना आँखों ने कहा
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: आँखों से सुना आँखों ने कहा आँखों ने सु … more »
मैं हूँ चाँद है तुम भी होगी कहीं
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मैं हूँ, चाँद है, तुम भी होगी कहीं मैं द … more »
