विनय wrote 11 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं सबसे बुरा था सबसे बुरा हूँ सबसे बुरा ही रहूँगा मैं जी रहा था जी रहा हूँ ऐसे ही जीता रहूँगा उसने … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी तस्वीर से बातें करता रोज़ मैं पास मेरे जो तेरी कोई तस्वीर होती तुम्हें प्यार बेइंतिहाँ प्यार करत … more →
विनय wrote 1 year ago: किसी आस्माँ के परे तो तेरी मुहब्बत का हासिल मिलेगा कितनी तन्हाइयाँ तय करें कब हमें इनका हासिल मिलेगा … more →
विनय wrote 1 year ago: जब तक तेरी तमन्ना करेंगे जीते जायेंगे वरगना दम तोड़ देंगे मर जायेंगे तुमने जो कहा तो मर भी जाना है ह … more →
विनय wrote 2 years ago: उसकी आँखों ने मुझे पहचाना तो मगर एक डर से अजनबी-सा डर… चाहता तो रुक कर बात कर लेता मगर मैं - ब … more →
विनय wrote 2 years ago: वह मुझे चाहती है या यूँ ही मुझसे बात करनी थी उसे कोशिश तो उसने मुझ तक पहुँचने की बहुत की थी और फिर व … more →