Lost your password?

Blogs about: चिंतन

Featured Blog

हिंसक तत्वों के साथ मानवाधिकारों का प्रश्न-हिंदी लेख (With violent elements of human rights questions - Hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: वर्तमान भौतिकवादी युग में यह मानना ही बेवकूफी है कि कोई बिना मतलब के जनसेवा करता है। अगर लाभ न हो तो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, मस्तराम, संपादकीय, सन्देश, साहित्य, हिन्दी

हिंदी आध्यात्मिक सन्देश-बेकार के कम न करें तो ही ठीक (vidur niti-bekar kam n karen)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: तथैव योगविहितं यत्तु कर्म नि सिध्यति। उपाययुक्तं मेधावी न तव्र गलपयेन्मनः।। हिंदी में भावार्थ-अच्छे … more →

Tags: arebic, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द, समाज

कौटिल्य दर्शन-दोस्त और दुश्मन दो प्रकार के होते हैं (kautilya darshan-dost aur dushman)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: सहज कार्यजश्वव द्विविधः शत्रु सच्यते। सहज स्वकुलोत्पन्न कार्यजः स्मृतः। हिंदी में भावार्थ-शत्रु दो प … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, alekh, arebic, Article, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप

भर्तृहरि नीति शतक-धन की ऊष्मा से रहित मनुष्य क्या रह जाता है (heat of money-hindu sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि  ————————— … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, आलेख, कला, दीपक भारतदीप, मस्त राम, सन्देश, समाज, हिन्दी

दीपावली का पर्व निकल गया-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →

Tags: abhivyakti, इंटरनेट, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, लेखक, व्यंग्य, संपादकीय, सन्देश

इसरो द्वारा चंद्रमा पर पानी की खोज तथा ओशियनसैट-2 सहित सात उपग्रहों का प्रक्षेपण-आलेख (ocianset-2 setelite-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ‘इसरो- ने एक ही दिन में वह भी केवल बीस मिनट में सात उपग्रह अंतरिक्ष … more →

Tags: abhivyakti, दीपक भारतदीप, मस्त राम, लेखक, हिन्दी पत्रिका, bharat, Deepak bharatdeep, hindi article, India

कबीर के दोहे-अपनी सराहना स्वयं न करें (kabir darshan-dosron ke dosh)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: आपन को न सराहिये, पर निन्दिये न नहिं कोय। चढ़ना लम्बा धौहरा, ना जानै क्या होय।। संत शिरोमणि कबीरदास ज … more →

Tags: arebic, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Enternment

इसलिये सोचना ही बंद-आलेख (mor thinking is not good-hindi lekh)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अखबार में खबर छपी है कि ‘ब्रिटेन ने माना है कि तेल के व्यापार की वजह से बम विस्फोट के एक आरोपी को छो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, इंटरनेट, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, लेखक, संपादकीय

कबीर वाणी-प्यार को सही ढंग से कोई नहीं समझता(kabir vani-pyar ka gyan)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय संत शिरोमणि कबीरदास … more →

Tags: Anubhuti, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, सन्देश, हिन्दी

चाणक्य नीति-प्रतिकार प्रतिहिंसा और प्रतिकार के भाव में दोष नहीं (chankya niti-time to time, life style)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संसार विषवृक्षस्य द्वे फले अमृतोपमे। सुभाषितं च सुस्वादु संगतिः सुजने जनै।। हिन्दी में भावार्थ-नीति … more →

Tags: alekh, Anubhuti, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, सन्देश, समाज

मनु स्मृति-अध्ययन में सुस्ती नहीं करें (manu smriti-shiksha aur susti)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अध्येयष्यमाणं तु गुरुर्नित्यकालमतन्द्रितः। ‘अधीष्व भो! इति ब्रुयाद्विरामोऽस्त्विति चारमेत्।। हिंदी म … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्तराम, सन्देश, समाज, हिन्दी, dharm, India

वैचारिक महाभारत की आवश्यकता-आलेख (baba shri ramdev,shri shri ravishankar & shri gita)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कभी समलैंगिकता तो कभी सच का सामना, युवक युवतियों के बिना विवाह साथ रहने और इंटरनेट पर यौन सामग्री से … more →

Tags: Anubhuti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम, संपादकीय, हिन्दी

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-कार्य के होते हैं तीन व्यसन (kautilya ka arthshastra in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: वस्तुध्वशक्येषु समुद्यनश्चेच्छक्येषु मोहादसमुद्यश्मश्च। शक्येषु कालेन समुद्यनश्व त्रिघैव कार्यव्यसनं … more →

Tags: adhyatm, alekh, Anubhuti, arebic, Article, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम

संत कबीर के-रात के सपने निराशा का भाव पैदा करते हैं (sant kabir-rat ke sapne aur nirasha)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: कबीर सपनें रैन के, ऊपरी आये नैन जीव परा बहू लूट में, जागूं लेन न देन संत शिरोमणि कबीरदास जी का आशय य … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दोहे, मस्त राम, शब्द

विदुर नीति-बुद्धिमान से बैर करना ठीक नहीं (buddhiman se bair-vidur niti)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: विदुर महाराज कहते हैं कि —————– बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम

रहीम के दोहे-अमीर को पैसा देने के लिए सब तैयार,गरीब से इंकार (rahim ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: संतत संपति जानि कै, सबको सब कुछ देत दीन बंधु बिन दीन की, कौ रहीम सुधि लेत कविवर रहीम कहते हैं कि जिन … more →

Tags: adhyatm, alekh, Anubhuti, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम, मस्तराम, शब्द, हिन्दी


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS