पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूसरी तरफ अपने लेखों और वक्तव्यों में दूसरे देशों से सीख लेने का संदेश देते हैं। इनमें दो देशों के नाम बहुत आते… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 10 months ago: पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूसरी तरफ अ … more →