आपको लग रहा होगा कि ऐसा अजीब सवाल मैं क्यों पूछ रहा हूं। मगर इसका कारण है। क्या आपने कभी जांचा है कि आपका चिट्ठा इंटरनेट एक्सप्लोरर -6 पर कैसा दिखता है? जब चिट्ठाकारी शुरू की थी तो मैं इंटरनेट एक्सप्ल… more →
आईनाजगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आपको लग रहा होगा कि ऐसा अजीब सवाल मैं क्यों पूछ रहा हूं। मगर इसका कारण है। क्या आपने कभी जांचा है कि … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: बात उन दिनों की है जब मैं एक युरोपियन एयरलाइंस के लिये काम करता था। ऑफिस में बहुत सारे नये कंप्यूटर … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: हमारे देश में कोई चार करोड़ इंटरनेट कनेक्शन हैं और पच्चीस करोड़ मोबाइल हैं। अधिकतर मोबाइल GPRS युक्त ह … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज कुछ छोटी छोटी बातें: 1. आईना का गूगल पेज रैंक बढ़ कर पांच हो गया है। कुछ अच्छे हिंदी चिट्ठों का प … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: मेरे बहुत से साथियों को मेरे इस प्रश्न से हैरानी हो सकती है। कौन चिट्ठाकार होगा जो इस समूह का सदस्य … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: भोमियो ने जब उर्दू से देवनागरी में लिप्यांतर की सुविधा शुरू की तो उन दिनों मैंने ढेरों उर्दू के पाकि … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: एक बार शायद श्रीश शर्मा ने कहा था कि चिट्ठाजगत की टीम का दिमाग बहुत ही उर्वर है और ये लोग ऐसे ऐसे आइ … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: अब यह पता नहीं मोबाइल की छोटी स्क्रीन के कारण था या पोस्ट लिखने की उतावली थी कि मोबाइल से हिँदी मे … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आपको याद होगा कि एक बार जब मैंने हिंदी के कुछ चिट्ठाकारों के नाम गूगल पर हिंदी में सर्च किये तो ये … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: ”की जाणां मैं कौण” ने चिट्ठाकारी के टैगिंग के खेल में हमारे चिट्ठे का नाम दे कर बताया कि आईना पर ल … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: हिंदी चिट्ठाकारी में दो माह का समय बहुत ज्यादा है। पिछले दो माह में मैंने यहां बहुत कुछ नया जाना, न … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: (बड़ी इमेज देखने के लिये इमेज पर क्लिक करें) हिंदी टूलबार के बारे में हमने जब भी चर्चा की है, इस टू … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज टैक्नोराती को पता नहीं क्या हो गया। हर चिट्ठे का रैंक 1 ही दिखा रहा है। एक बार के लिये मेरी आंखो … more →
सृजन शिल्पी wrote 1 year ago: हमारी सोच-समझ और हमारे कर्म-व्यवहार के बीच कितनी एकरूपता है, इसी से निर्धारित होता है कि हमारा आत्म- … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: 1. जब आप अपने नाम की जगह दूसरों को अपने चिट्ठे का नाम बताने लगें और पते के स्थान पर URL बताने लगें। … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: मेरे दोस्त राजेश रोशन ने लिखा कि कैसे उनकी एक पोस्ट पर एक ही दिन में 221 हिट्स मिले। ऐसा ही एक बार म … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज अनजाने ही इस मजेदार चीज का पता चला। यदि आपके पास इंटेरनेट एक्सप्लोरर 7 है तो आप सीधे अपने ब्राउज़र … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: मैं हमेशा से सोचता था कि काश हिंदी चिट्ठे मोबाइल पर भी पढ़े जा सकते। भोमियो की जब प्रॉक्सी पते पर रोम … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: मजेदार समाचार पर मजेदार समाचारों के अलावा मजेदार कार्टून भी कभी कभी देखने को मिलते हैं। हाल ही में छ … more →