चिट्ठाजगत की नयी सेवा गिरगिट के बारे में तो सभी चिट्ठाकार जान चुके होंगे। यदि नहीं जानते तो अपको बता दें कि यह सेवा आपको किसी भी युनिकोड साइट की लिपि बदल कर पढ़ने की सुविधा देती है। आप अपने चिट्ठे पर इ… more →
हिंदी टूलबार - पिटाराजगदीश भाटिया wrote 1 year ago: चिट्ठाजगत की नयी सेवा गिरगिट के बारे में तो सभी चिट्ठाकार जान चुके होंगे। यदि नहीं जानते तो अपको बता … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज जब 1300 से ज्यादा हिंदी चिट्ठे हैं, हर चिट्ठे को पढ़ पाना मुमकिन नहीं है। फिर यह भी हो सकता है कि … more →
जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आपने कई चिटठों पर लिपि बदल कर पढ़ने के लिंक देखे होंगे। लिप्यांतर की यह सुविधा भोमियो द्वारा दी गयी ह … more →
राजीव् तनेजा wrote 2 years ago: “ठण्डे-ठण्डे पानी से नहाना चाहिए” ***राजीव तनेजा*** “क्या मियाँ!….?” … more →
राजीव् तनेजा wrote 2 years ago: “मेरी कहानी नवभारत टाईम्स पर”22.10.2007 को नवभारत टाईम्स में मेरी कहानी छपी है “बत … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: क्या आपको यह खोजना है कि आपका चिट्ठा चिट्ठाजगत.इन पर है कि नहीं? किसी और चिट्ठे को खोजना चाहते हैं? … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: हमने हिंदी टूलबार पिटारा में कुछ बहुत ही काम के हिंदी फीड जोड़े हैं। आइये आपको इनके बारे में बता दें। … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: क्या आप पंजाबी, गुजराती, उर्दू, तेलुगू, उड़िया, तमिल, मलयालम या कन्नड़ समझते हैं पर पढ़ नहीं सकते?क्या … more →
neerajdiwan wrote 2 years ago: चिट्ठाजगत के तक़रीबन सभी पाठक जानते हैं कि श्री बालेंदु शर्मा दाधीच (प्रभासाक्षी वाले) ने हिंदी ब्ला … more →
राजीव् तनेजा wrote 2 years ago: “बुरा दिन” ***राजीव तनेजा*** “मुँह में जो पानी ने आना शुरू किया तो फिर रुकने का ना … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: हिंदी टूलबार में हमने कुछ चुने हुए चिट्ठों के लिंक जोड़े हुए थे। यह संभव भी नहीं था कि सारे हिंदी चिट … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: चिट्ठाजगत के धड़ाधड़ महाराज हमें कई तरह की सुविधायें देते हैं। चिट्ठाजगत हमें कई प्रारूपों में तो मिलत … more →
neerajdiwan wrote 2 years ago: वर्जिनिया टेक में दर्ज़नों की मौत की ख़बर मिलते ही मुझे अपने ब्लॉगर साथी अनुराग मिश्रा जी याद आई. अन … more →
neerajdiwan wrote 2 years ago: इस रचना का किसी से कोई लेना-देना नहीं है अलबत्ता रचना पढ़कर कुछ लोगों को लेने के देने पड़ सकते हैं. … more →
neerajdiwan wrote 3 years ago: प्रसिद्ध हिन्दी पोर्टल प्रभासाक्षी के संपादक और वाह मीडिया ब्लॉग वाले हमारे वरिष्ठ साथी बालेंदु शर् … more →