Blogs about: चित्रा सिंह
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मिलकर जुदा हुए तो
मिलकर जुदा हुए तो न सोया करेंगे हम, एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम, आंसू छल… more »
कुछ पल जगजीत सिंह के नाम
मिलकर जुदा हुए तो
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: मिलकर जुदा हुए तो न सोया करेंगे हम, एक द … more »
तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे
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Amarjeet Singh wrote 1 month ago: तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे, ज … more »
मुझसे मिलने के वो करता था बहाने कितने
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: मुझसे मिलने के वो करता था बहाने कितने, … more »
हम तो हैं परदेस में
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Amarjeet Singh wrote 1 month ago: हम तो हैं परदेस में देश में निकला होगा … more »
दिल के उजले कागज़ पर
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें, ब … more »
अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता
Amarjeet Singh wrote 3 months ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता क … more »
तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई वो सई-ए-क़रम फ़र … more »
रात भर दीदा-ए-ग़म नाक में लहराते रहे
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: रात भर दीदा-ए-ग़म नाक में लहराते रहे सां … more »
किसी का यूं तो हुआ कौन
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: किसी का यूं तो हुआ कौन उम्रभर फिर भी ये … more »
इश्क़ के शोले को भड़काओ
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: इश्क़ के शोले को भड़काओ कि कुछ रात कटे … more »
ग़ज़ल का साज़ उठाओ बड़ी उदास है रात
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Amarjeet Singh wrote 4 months ago: ग़ज़ल का साज़ उठाओ बड़ी उदास है रात नवा-ए-मी … more »
एक चमेली के मंड़वे तले
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Amarjeet Singh wrote 4 months ago: एक चमेली के मंड़वे तले मैकदे से ज़रा दूर … more »
देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात
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Amarjeet Singh wrote 4 months ago: देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात म … more »
ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूं
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: शहर की रात और मै नाशाद-ओ-नाकारा फिरूं ज … more »
ऐ मलिहाबाद के रंगीं गुलिस्तां अलविदा
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Amarjeet Singh wrote 4 months ago: ऐ मलिहाबाद के रंगीं गुलिस्तां अलविदा … more »
अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो?
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Amarjeet Singh wrote 4 months ago: अब मेरे पास तुम आई हो तो क्या आई हो? मैन … more »
अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं यूं ही कभू ल … more »
हमदम यही है
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Amarjeet Singh wrote 5 months ago: इज़्न-ए-खिराम लेते हुये आसमां से हम, हटक … more »
तुझ से रुख़सत की वो
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Amarjeet Singh wrote 5 months ago: तुझ से रुख़सत की वो शाम-ए-अश्क़-अफ़्शां हा … more »
