Blogs about: चिन्तन

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आपरेशन तो आसान है -हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →

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हिंदी ब्लाग लेखन के लिये खुला है आकाश-संपादकीय1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हिंदी ब्लाग जगत के कुछ ब्लाग लेखक अंतर्जाल पर वैसी ही गुटबाजी देख रहे हैं जैसी कि सामान्य रूप से बाह … more →

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कुछ सच कुछ झूठ-लघु कथा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: शादी में वह बच्चा अपने मां बाप और दादा के साथ गया। शादी उच्च घराने की थी। वहां तमाम तरह का तामझाम थ … more →

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झूठ भी सच की तरह सजाते-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हर पल लोगों के सामने अपना कद बढाने की कोशिश हर बार समाज में सम्मान पाने की कोशिश आदमी को बांधे रहती … more →

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बुरी नज़र से डरें कि हाय से-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भारतीय अध्यात्मिक ज्ञान एक तरह से स्वर्णिम शब्द रहस्यों से भरा एक समूह है बस इसका एक ही दोष है कि आ … more →

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इंटरनेट पर हिंदी का वैश्विक काल प्रारंभ हो चुका है-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हिंदी में विभिन्न कालों की चर्चा बहुत रही है। सबसे महत्वपूर्ण स्वर्णकाल आया जिसमें हिंदी भाषा के लि … more →

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सबकी नज़र है हमारे कमाने पर -व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: रात की रौशनी में चमकने वाले चेहरे सुबह सूरज की पहली किरण में ही फक नजर आते हैं। सौंदर्य के सच की धूप … more →

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दक्षिण एशिया के साहित्यकार आतंक पर सच लिख भी कहां पाये-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अभी हाल ही में दक्षिण एशिया के देशों का एक साहित्यकार सम्मेलन संपन्न हुआ। इसमें भारत, पाकिस्तान,श्री … more →

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हिन्दी ब्लॉग दे सकते हैं प्रचार माध्यमों को चुनौती-आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: उस दिन चिट्ठकार चर्चा का नियमित ईमेल पढ़ा-यह ईमेल इसके सदस्यों को नियमित भेजा जाता है-जिसमें तमिल बच … more →

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मधुशाला पसंद है पर मद्यपान नहीं -व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: हिंदी भाषा के महान कवि हरिबंशराय बच्चन ने मधुशाला लिखी थी। अनेक लोगों ने उसे नहीं पढ़ा। कई लोग ऐसे ह … more →

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श्री अमिताभ बच्चन का कहना सही है कि ऑस्कर में क्या रखा है-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: इस देश में कई ऐसे लोग है जो अमिताभ बच्चन के अभिनय और आवाज से अधिक उनके व्यक्तित्व और वक्तव्यों से … more →

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इजरायल और चीन से सीखने लायक क्या है-आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूस … more →

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लेखक लिखने के ही नहीं पढने के भी भूखे होते हैं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: क्या लेखक केवल लिखने के ही भूखे होते हैं? अधिकतर लोग शायद यही कहेंगे कि ‘हां’। यह बात नहीं है। सच त … more →

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कुछ पल आंसू बहाने के बाद सब भूल जाते हैं-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अच्छा लगता है दूसरों की जंग की बात सुनकर पर आसान नहीं है खुद लड़ना दूसरों के घाव देखकर भले ही दर्द उ … more →

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रहीम संदेशः समय के अनुसार फल मिलता है और झड़ जाता है

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जात सदा रहै नहीं एक सौ, का रहीम पछितात? कविवर रहीम कहते हैं कि समय चक … more →

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चाणक्य नीतिः दिल के पास और परे होने का संबंध जज्बात से2 comments

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: 1.राजा, अग्नि, गुरु, स्त्री इनसे निकटता खतरनाक होती है। इनसे थोड़ा परे रहकर संपर्क रखना चाहिए। अग्नि … more →

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निरर्थक बहसों में उलझे देश के बुद्धिजीवी-चिंतन आलेख

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: देश में आतंक के नाम पर निरंतर हिंसक वारदातें हो रहीं है पर आश्चर्य की बात यह है कि इसे धर्म,जाति,भा … more →

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बुद्धिजीवी समझाते है,पर समाज समझता नहीं-व्यंग्य आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: बहुत दिन से हमारे दिमाग में यह बात नहीं आ रही कि आखिर कौन किसको क्या और क्यों समझा रहा है? कब समझा … more →

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ब्रहमाण्ड का रहस्य जानने का प्रयास नाकाम तो होना ही था-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: महामशीन के रूप में चर्चित महादानवीय मशीन का प्रयोग अब रुक गया है। अगर आज के सभ्य समाज में महिमा मंडि … more →

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