चींटी तुमने क्या दृढ़ इच्छा-शक्ति पायी है ! सारी सृष्टि की बात झुठलायी है। ना सोती हो, ना रोती हो, सारा जीवन कर्म का बोझ ढ़ोती हो ! क्या तुम्हें आराम करना अच्छा नहीं लगता? या फिर काम करना ही आराम लगता ह… more →
पसंदयोगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: माध्यमिक स्तर की किसी कक्षा में संस्कृत विषयक पुस्तक में मैंने कभी नीति संबंधी एक श्लोक पढ़ा था । वह … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: चींटी तुमने क्या दृढ़ इच्छा-शक्ति पायी है ! सारी सृष्टि की बात झुठलायी है। ना सोती हो, ना रोती हो, सा … more →