रात को इतनी सुंदर क्यों लगती हो? ऎसा लगता है पूरा श्रंगार करती हो। अंधकार की गहरी साड़ी फबती है, उस पर तारों जड़ी चुंनरी भी जंचती है, चुंनरी में छापे जैसे बादलों के टुकड़े लगतेहैं, उस पर चांदनी के रंग भी… more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: रात को इतनी सुंदर क्यों लगती हो? ऎसा लगता है पूरा श्रंगार करती हो। अंधकार की गहरी साड़ी फबती है, उस प … more →
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