क्षणिकायें चार विचार, चार क्षणिकाओँ में हमसफ़र नश्वर दुनिया को छोडकर चले जायें हम किसी शाश्वत सत्य की शोध में जो हम दोनों को बांधे हुए है पिछले कई जन्मों से… —- किसी नदी के किनारे बैठा था… more →
विजयकुमार दवे / Vijaykumar Davevijaykumardave wrote 1 year ago: क्षणिकायें चार विचार, चार क्षणिकाओँ में हमसफ़र नश्वर दुनिया को छोडकर चले जायें हम किसी शाश्वत सत्य … more →