Blogs about: चेहरा
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साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत मुझे मसल रही है ख़्यालों की राह-राह जल र… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत म … more »
यह दिन प्यार का दिन है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाह … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
तस्व्वुरे-हुस्नो-सादगिए-'शीना'
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: सुबह-सा चेहरा, माथे पर सूरज-सी बिन्दिय … more »
ऐसी आंखें नही देखी
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: ऐसी आंखें नही देखी, ऐसा काजल नही देखा, ऐ … more »
आफ़ताबी मुस्कुराहट है माहताबी चेहरा
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आफ़ताबी मुस्कुराहट है माहताबी चेहरा च … more »
मेरी आँखों पर जो था
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरी आँखों पर जो था तेरी ख़ुशबू का आँच … more »
प्यार से मुझे प्यार चाहिए
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: प्यार से मुझको प्यार चाहिए गुलाबी लबो … more »
मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मुझको यूँ प्यार कैसे हो गया उफ़! यह दिल स … more »
पहली नज़र का पहला प्यार
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: पहली नज़र का पहला प्यार कर गया दीवाना म … more »
मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मेरे दिल की पगडंडियों से गुज़र जा एक दफ़ … more »
तेरी चुप निगाहें
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विनय प्रजापति wrote 2 months ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे … more »
रोज़ सपनों में आता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: रोज़ सपनों में आता है इन रातों में जगात … more »
तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार हो गया मुझक … more »
है दिल मेरा दीवाना तेरा
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: है दिल मेरा दीवाना तेरा तू शमअ मेरी मै … more »
आज हो या कल हो
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: आज हो या कल हो हम आपको ही चाहेंगे कहता ह … more »
इस पल से उस पल तक
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: इस पल से उस पल तक तुमको ही चाहेंगे कहता … more »
फिर क्यों दोनों तन्हा
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विनय प्रजापति wrote 3 months ago: एक ही रास्ता जब है दोनों का फिर क्यों द … more »
जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ सुबह-शाम
विनय प्रजापति wrote 3 months ago: जिसकी यादों में गुज़ारता हूँ मैं सुबह-श … more »
