घुटन है दिल में बहुत, नाराज दोनो रब जहाँ प्रश्न तो सुलझा नहीं, तू कौन है और है कहां ? पी गया आंसू, जो अग्नि ना बुझी तो विष पिये प्यासी निगाहें दौड़ती, क्या ढूँढ़ लाने के लिये ढीठ सी दिखती, कभी तो मुंह म… more →
Harihar Jha हरिहर झा wrote 1 year ago: घुटन है दिल में बहुत, नाराज दोनो रब जहाँ प्रश्न तो सुलझा नहीं, तू कौन है और है कहां ? पी गया आंसू, ज … more →
Tags: गीत, मंच, हिन्द-युग्म, आक्रोश, विरह, शोकाकुल
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