ज्ञानदत्त जी के आदेश पर कोलकाता के हमारे अत्यंत प्रिय वरिष्ठ कवि-गीतकार दादा छविनाथ मिश्र का एक और ऋचागीत प्रस्तुत है, जल की अभ्यर्थना का गीत : ( शं नो देवीर अभिष्टय आपो भवन्तु पीतये । शं योर अभि… more →
अनहद नादPRIYANKAR wrote 5 months ago: ज्ञानदत्त जी के आदेश पर कोलकाता के हमारे अत्यंत प्रिय वरिष्ठ कवि-गीतकार दादा छविनाथ मिश्र का एक और … more →