ज़िंदगी का मुक़द्दस नग़्मा (a poem by ravi kumar, rawatbhata) मैं आऊंगा जब चाक हो जाएगी हर राह कि जब हर तरफ़ बिछी होंगी बारूदी सुरंगें और जबकि हमेशा के लिए चुक जाएगी बारिश की उम्मीद मैं आऊंगा जब तुम्हारे… more →
सृजन और सरोकाररवि कुमार, रावतभाटा wrote 2 months ago: ज़िंदगी का मुक़द्दस नग़्मा (a poem by ravi kumar, rawatbhata) मैं आऊंगा जब चाक हो जाएगी हर राह कि जब ह … more →
रवि कुमार, रावतभाटा wrote 8 months ago: लमही के लम्हे (photographs of lamahee by ravi kumar, rawatbhata) गत १४ अप्रेल को बनारस प्रवास के दौर … more →
रवि कुमार, रावतभाटा wrote 9 months ago: बेटा सौमित्र,छायाचित्र-रवि कुमार, रावतभाटा बिटिया सौम्या, छायाचित्र-रवि कुमार, रावतभाटा ये हूं मैं, … more →
रवि कुमार, रावतभाटा wrote 9 months ago: दीपावली-१, छायाचित्र-रवि कुमार,रावतभाटा दीपावली-२, छायाचित्र-रवि कुमार,रावतभाटा दीपावली-३, … more →