वक़्त का मुसाफ़िर छीनकर सफ़हा मेरा ले जायेगा वो इस ज़बाँ से उस ज़बाँ ये किस्सा ले जायेगा दुआ माँगी तो थी लेकिन ये सोचा ना था बारिश का मौसम मेरा घर बहा ले जायेगा हमसफ़र आया, दो पल साथ चलकर चला गया नहीं मालूम… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: वक़्त का मुसाफ़िर छीनकर सफ़हा मेरा ले जायेगा वो इस ज़बाँ से उस ज़बाँ ये किस्सा ले जायेगा दुआ माँगी तो थी … more →