नज़्म - इसी जगह याद है हम तुम मिले थे उस दिन इसी जगह मै खड़ा था दूर और तुम थी मेरी ज… more →
Rohit Jain wrote 7 months ago: नज़्म - इसी जगह याद है हम तुम मिले थे उस द … more →
Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Sep 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain
Follow this tag via RSS