नज़्म – इसी जगह याद है हम तुम मिले थे उस दिन इसी जगह मै खड़ा था दूर और तुम थी मेरी जगह अटका था दिल जब आँख से आँखें मिलीं थीं उफ़! बस तू ही तू दिखती थी फिर मुझको सभी जगह बीता वो पल और रास्ते बदले जह… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: नज़्म – इसी जगह याद है हम तुम मिले थे उस दिन इसी जगह मै खड़ा था दूर और तुम थी मेरी जगह अटका था द … more →