बादर झूम झूम बरसन लागे । दामिनि दमकत चोंक चमक श्याम घन की गरज सुन जागे ॥१॥ गोपी जन द्वारे ठाडी नारी नर भींजत मुख देखन कारन अनुरागे । छीतस्वामी गिरधरन श्री विट्ठल ओतप्रोत रस पागे ॥२॥… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 2 years ago: बादर झूम झूम बरसन लागे । दामिनि दमकत चोंक चमक श्याम घन की गरज सुन जागे ॥१॥ गोपी जन द्वारे ठाडी नारी … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: जागो मेरे लाल जगत उजियारे । कोटिक मनमथ वारों मुसकनि पर कमल नयन अंखियन के तारे ॥१॥ संगले ग्वालबाल बछ … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: जागिये गोपाल लाल जननी बलि जाई । उठो तात भयो प्रात रजनी को तिमिर घट्यो, आये सब ग्वालबाल मोहना कन्हाई … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: खिलावन आवेंगी ब्रजनारी । जागो लाल चिरैया बोली कहि जसुमति महतारी ॥१॥ ओट्यो दूध पान करि मिहन वेगि करो … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: जागिये ब्रजराज कुँवर, कमल कुसुम फूले । कुमुद वृन्द सकुचित भये,भृंग लता भूले ॥१॥ तमचर खग रोर सुनहु, ब … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: लालन जागों हों भयो भोर । दूध दही पकवान मिठाई, लीजे माखन रोटी बोर ॥१॥ विकसे कमल विमल बानी सब, बोलन ला … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: प्रात समय श्री वल्ल्लभ सुत को, पुण्य पवित्र विमल यश गाऊँ । सुन्दर सुभग वदन गिरिधर को, निरख निरख दोउ … more →