जब भी तन्हाई से घबरा के सिमट जाते हैं, हम तेरी याद के दामन से लिपट जाते हैं, उन पे तूफान को भी अफ़सोस हुआ करता है, वो सफिने जो किनारों पे उलट जाते हैं, हम तो आए थे रहें साख में फूलों की तरह, तुम अगर हा… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: जब भी तन्हाई से घबरा के सिमट जाते हैं, हम तेरी याद के दामन से लिपट जाते हैं, उन पे तूफान को भी अफ़सोस … more →