दिल जला उस की तस्वीर जल गई होगी इश्क़ की आखरी तहरीर जल गई होगी नज़र उठी तो बिजली ने भी खैर मांगी जो झुकी तो शमशीर जल गई होगी तूने तिनका समझ के फूँक दिया आशियाने की तक़दीर जल गई होगी तू जो उतरी हक़ीक़त की त… more →
इक शायर अंजाना सा...विनय wrote 1 year ago: दिल का जला होता तब रोशनी होती मैं तो जला हूँ चश्मे-अश्कबारी का… अब मेरी ख़ाक इक निहाँ दलदल है! … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल जला उस की तस्वीर जल गई होगी इश्क़ की आखरी तहरीर जल गई होगी नज़र उठी तो बिजली ने भी खैर मांगी जो झु … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: चाँद दर्द का जला, दिल में उतरी चाँदनी तन्हाई ही छोड़ गई, जहाँ पे बिखरी चाँदनी ढ़ूंढ़ता ही रह गया सहर, श … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: उसे प्यार करने में मै अपना घर जला बैठा खुद अपने ही सीने पे एक नश्तर चला बैठा हर बार सोचता था बदलूंगा … more →