शीला के कदम जैसे हवा मे उड़ रहे थे.प्रशासन ने उसकी उम्र क़ैद की सज़ा 14 साल से घटा कर 10 साल कर दी थी -उसके अच्छे आचरण की वजह से. जैलर साहब को बड़ी आत्मीयता थी शीला से. सुघड़ सुशील सुशीला देवी, मे सब… more →
ए पंखुरी पपीहाGayatri wrote 2 months ago: शीला के कदम जैसे हवा मे उड़ रहे थे.प्रशासन ने उसकी उम्र क़ैद की सज़ा 14 साल से घटा कर 10 साल कर दी थ … more →
Nidhi KM wrote 3 months ago: तुमसे ज़्यादा और ज़्यादा पाने की और तुम्हे देने ख़्वाहिश है तुम्हारी बाहों मे जीने और मरने की ख़्वाह … more →
nims9 wrote 8 months ago: कैसी थी वो ज़िंदगी जब छोटी-2 बाते बड़ी-2 खुशियाँ दे जाती थी. ज़िंदगी का मतलब – जब मैं और तुम स … more →
Gayatri wrote 9 months ago: ज़िन्दगी के मायने कुछ धुंधलाने लगे है “फार्मोलों “से आगे “बिज़नस सूट “आने लग … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुमसे हूँ मैं और मुझसे हो तुम वरना तो सब अधूरा यही लफ्ज़ बार बार मूड कर हमसे ज़िंदगी कहेती है | … more →
Gayatri wrote 5 months ago: “कौन है ?!! ” मंजली ने झल्लाते ही दरवाज़ा खोला. दोपहर के ३ बज रहे थे. न अम्मा जी को इस … more →
Gayatri wrote 6 months ago: पल चिन्न है,छिन पल है रोज़ सड़को पे बिकती है पानी है यहाँ महंगा हुज़ूर पर ज़िन्दगी बहुत सस्ती है … more →