एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनों से दिल पर छायी है शायद, शायद ऐसा तब लगता है जब प्यार किसी से होता है ख़ाबों में जाने कौन आने लगा है रातों को नींदें चुराने लगा है शायद, शायद ऐसा तब होता है जब प… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: एक ख़ुशबू जाने कहाँ से आयी है कुछ दिनों से दिल पर छायी है शायद, शायद ऐसा तब लगता है जब प्यार किसी से … more →