धीरे-धीरे प्यार होता है होते-होते इक़रार होता है जब हम भी हैं यहाँ तो जब वह भी हैं यहाँ तो जब हम भी हैं जवाँ तो जब वह भी हैं जवाँ तो भला प्यार कैसे न होगा, इक़रार कैसे न होगा… इस उमर में हर कोई इस… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे प्यार होता है होते-होते इक़रार होता है जब हम भी हैं यहाँ तो जब वह भी हैं यहाँ तो जब हम भी ह … more →