विनय प्रजापति wrote 4 months ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंति … more →
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: दिल तोड़ना at first sight झूठा गुस्सा उस पर झूठ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल- … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हम … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जब कभी वह शाम मुझे याद आयी मेरी जाने-बह … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह दिल क्यूँ किसी का होना चाहे जाये जा … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: साहिबा, साहिबा, साहिबा तेरी अदाओं पर म … more →
विनय प्रजापति wrote 9 months ago: ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल की थ … more →