संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: निर्गुण प्रेमाश्रयी शाखा के प्रमुख कवियों का परिचय मलिक मुहम्मद जायसी, कुतबन, मंझन, उसमान, शेख नवी, … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: सुफी संतों को इस्लाम प्रचारक कहा जाता है। उन्हें केवल इस्लाम का प्रचारक कहना ठीक नहीं है, जबकि वे लो … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: जायसी के प्रेम साधना में कुंडली योग की परिभाषाओं को अंगिकार कर लेने से पद्मावत पर भारतीयता का गहरा र … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: साधनात्मक रहस्यवाद को जायसी की एक बहुत बड़ी देन है कि उन्होंने इस शुष्क और योगमूलक साधनात्मक रहस् … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: रहस्यवादी भक्त परमात्मा को अपने परम साध्य एवं प्रियतम के रुप में देखता है। वह उस परम सत्ता के साक्षा … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: अखरावट अखरावट जायसी कृत एक सिद्धांत प्रधान ग्रंथ है। इस काव्य में कुल ५४ दोहे ५४ सोरठे और ३१७ अर्द … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: मलिक मुहम्मद जायसी, मलिक वंश के थे। मिस्त्र में मलिक सेनापति और प्रधानमंत्री को कहते थे। खिलजी राज्य … more →