अजब जाला है डोरियों का एक डोर का छोर जाने और कितनी डोरियों से जुड़ा है… डोरियाँ कुछ मानूस जानी-पहचानी-सी मगर फिर भी अंजान जाने मुझसे उलझ जायें या सुलझा दें मुझे जो भी हो मुझे तो उनसे इक बार बँधक… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: अजब जाला है डोरियों का एक डोर का छोर जाने और कितनी डोरियों से जुड़ा है… डोरियाँ कुछ मानूस जानी … more →