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Blogs about: जिंदगी

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जोरदार और रंगीन तकदीर वह लिखा लाये-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: आसमान से जमीन पर आते हुए लिखा लाये हैं वह अपनी रंगीन तकदीर। न ख्याल उनका अपना न कोई सोच अपनी पर जमान … more →

Tags: hasya kavita, hasya vyang, aritile in hindi, Hindi writing, vyangya kavita, समाज, India, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप

फासला4 comments

kmuskan wrote 11 months ago: कभी कभी चंद कदमो का फासला दुनिया बदल देता है चंद कदमो का फासला ज़िन्दगी-भर का फासला बन जाता है चंद क … more →

Tags: Zindagi, कभी-कभी, चंद कदम, दुनिया, फासला, मौत, Blogroll, hindi, kala

रौशनी ने भी अपने रूप बदले हैं-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: निकले थे अंधेरे में माटी के चिराग ढूंढने पर कांच के बल्ब के टुकड़े लग गये पांव में रौशनी ने भी अपने … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, jagran, Internet, Friends, सन्देश, अनुभूति, साहित्य, Deepak bharatdeep

यह बाजार के विज्ञापन का खेल-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 12 months ago: नववर्ष की पूर्व संध्या पर फंदेबाज अग्रिम बधाई देने घर आया और बोला ‘‘दीपक बापू, इधर कई बरसों से सांता … more →

Tags: अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, लघुकथा, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हिन्दी पत्रिका, Blogroll

चाँद 6 comments

kmuskan wrote 1 year ago: दबे कदमो से सब से छुपते छुपाते आज चाँद उतर आया मेरे आँगन । सुना था कि,चाँद में दाग होता है । हां ,दा … more →

Tags: kavita,kala, आभा, खूबसूरती, चाँद, दाग, दीदार, समय, होश, Blogroll

वक्त 4 comments

kmuskan wrote 1 year ago: वो वक्त जैसे बीत कर भी नही बिता मेरे आज में शामिल है वो कुछ इस तरह कहते है वक्त से पहले किसी को कुछ … more →

Tags: Zindagi, इंतज़ार, उमर, जवाब, वक्त, Blogroll, hindi, Hindi Poetry, kala

जिए जा रहे है3 comments

kmuskan wrote 1 year ago: अपने ही कंधो पे ,अपनी लाश लिए जा रहे है जाने किस , उम्मीद में जिए जा रहे है जानती हूँ ,तू शामिल नही … more →

Tags: Zindagi, Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, गम

खवाब 3 comments

kmuskan wrote 1 year ago: खवाबो में चाँद को देखा था उसे पाया भी था पर हकीकत में कभी उसे पाने की तमन्ना नही की मैं खवाब और हकीक … more →

Tags: Zindagi, Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, चाँद, खवाब

क्यों?4 comments

kmuskan wrote 1 year ago: क्यों ? जिंदगी बार- बार उसी मोड़ पे ले आती है जहाँ से हम चले थे क्यों ? जिंदगी बार- बार उन्ही सवालों … more →

Tags: Zindagi, Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, क्यों

जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खातिर जान कुर्बान कर दी, मरने का हमे कोई गम नही, खुशी है दोस्तों क … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, amarjeet singh, अमर, अमरजीत, कुर्बान, खुशी, गम

भरोसा जीवन का

अजीत कुमार मिश्रा wrote 1 year ago: क्या भरोसा जीवन का, एक बुलबुला है, न जाने कब टूट जाये कब तक सलामत है। यह पंक्तियां कभी किसी साधु महर … more →

Tags: मल्टी लेवल मार्केटि, जीवन


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