पन्नों में जल रहे थे कुछ साल ज़िन्दगी के , धुआँ धुआँ से हो गये कई ख्याल ज़िन्दगी के । एक तेरी याद है बस जो दिल बेहलाती है , वरना सताते हैं हमे कई सवाल ज़िन्दगी के । वफ़ा मोहब्बत में ,दोस्ती में बेवफ़ाई , ह… more →
लम्हें जिन्दगी केअजीत कुमार मिश्रा wrote 1 year ago: <a href=”http://ajitkumarmishra.blogspot.com”>जिन्दगी</a> जिन्दगी हर पल सिखा … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक “मैं ” ….. “और एक मैं “….. एक “मैं ” मालिक मासूम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक “मैं ” ….. “और एक मैं “….. एक “मैं ” मालिक मासूम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक हार ने हरा दिया मुझको , जीत है क्या ? एहसास करा दिया मुझको , ये दुनियाँ भीड़ का एक सैलाब सा है , ज … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक हार ने हरा दिया मुझको , जीत है क्या ? एहसास करा दिया मुझको , ये दुनियाँ भीड़ का एक सैलाब सा है , ज … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: रंगो ने की रंगो से बातें होली हो गई । मस्ती में मस्तो का मिलना टोली हो गई । देखा चुराया माखन ,खूब लग … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: रंगो ने की रंगो से बातें होली हो गई । मस्ती में मस्तो का मिलना टोली हो गई । देखा चुराया माखन ,खूब लग … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: इतने बडे अम्बर को हमने छू कर देखा कुछ ना मिला , दर्द भरे इस दिल में हमको गम के सिवा कुछ ना मिला , रो … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: इतने बडे अम्बर को हमने छू कर देखा कुछ ना मिला , दर्द भरे इस दिल में हमको गम के सिवा कुछ ना मिला , रो … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: उदास रात की कोई सुबह हसीन नहीं । नहीं आँसमां मेरा ,मॆरी कहीं ज़मीन नहीं । मैं खूशबू बन के हवा में नही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: उदास रात की कोई सुबह हसीन नहीं । नहीं आँसमां मेरा ,मॆरी कहीं ज़मीन नहीं । मैं खूशबू बन के हवा में नही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आज से एक साल पहले मैंने २ comments करी थी २ ब्लोगस पर , हिन्दी कैसे लिखूँ ब्लोग पर ? मेरे ब्लोग http … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आज से एक साल पहले मैंने २ comments करी थी २ ब्लोगस पर , हिन्दी कैसे लिखूँ ब्लोग पर ? मेरे ब्लोग http … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मदमस्त हवा में मस्त हुआ मैं लहरो सा उछल रहा था । कल जब अपने घर के बहार राहों से य़ूँ ही गुजर रहा था । … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मदमस्त हवा में मस्त हुआ मैं लहरो सा उछल रहा था । कल जब अपने घर के बहार राहों से य़ूँ ही गुजर रहा था । … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: कुछ रंगो को तुलिका की ज़रूरत नहीं होती हर बात को कहने के लिए जुबां की ज़रूरत नहीं होती हम वो राही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: कुछ रंगो को तुलिका की ज़रूरत नहीं होती हर बात को कहने के लिए जुबां की ज़रूरत नहीं होती हम वो राही … more →