कभी ओर बन कर, कभी छोर बन कर, जीवन में बहो सदा किनारे बन कर। कभी सर्द बन कर, कभी गर्म बन कर, जीवन में उड़ो सदा फुहारें बन कर। कभी फूल बन कर, कभी शूल बन कर, जीवन से जुड़ो सदा बहारें बन कर। कभी धूल बन कर, … more →
पसंदप्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: कभी ओर बन कर, कभी छोर बन कर, जीवन में बहो सदा किनारे बन कर। कभी सर्द बन कर, कभी गर्म बन कर, जीवन में … more →