जिन्दगी चलती जा रही, किस ओर है , मिलन इस छोर पर ,बिछुड़ना उस ओर है । सिमट जाएँगी यादें ,जहन में कहीं , पूछेगी जिन्दगी, ये कौन सा मोड़ है । खुश हो लेंगे हम ,मिले थे कभी , उन खुशनुमा लम्हों का , अहसास ब… more →
मेरी भी सुनो . . .K.VERMA wrote 1 month ago: जिन्दगी चलती जा रही, किस ओर है , मिलन इस छोर पर ,बिछुड़ना उस ओर है । सिमट जाएँगी यादें ,जहन में कहीं … more →
Nidhi KM wrote 4 months ago: तुमसे ज़्यादा और ज़्यादा पाने की और तुम्हे देने ख़्वाहिश है तुम्हारी बाहों मे जीने और मरने की ख़्वाह … more →
Nidhi KM wrote 5 months ago: कुतर दिए है, पंख अपने, जिनसे उँची उड़ान भारी थी, नील गगन मे, स्वच्छन्द उड़ चली थी, तोड़ दिए है, सब स … more →