जीवन की नदी गहरी है, जो ना कभी ठहरी है, लहर लहर बहती है, सुख-दुख के किनारे छूती र… more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: जीवन की नदी गहरी है, जो ना कभी ठहरी है, ल … more →
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