बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क्या तुमने बिछड़ के रहना सीख लिया है क्य… more →
तख़लीक़-ए-नज़रAmarjeet Singh wrote 3 months ago: जुदाई की घड़ी आई, नजरो से नज़रे टकराई, आ … more →
विनय wrote 7 months ago: बिछड़ के रहना सीख लिया है क्या तुमने, क … more →
विनय wrote 8 months ago: तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार हो गया मुझक … more →