(अपने बी.टेक. फाइनल इयर में जब मैंने ये कविता लिखी थी उस वक़्त unicode जैसी सहूलियत नहीं थी इसलिए मेरे दोस्त कुमार वरुण, जो की इस कविता के प्रेरणा भी थे (क्युकी वो कभी कभी बोलता की यार मैं इमरान हाश्… more →
ApurnShubhashish Pandey wrote 1 year ago: (अपने बी.टेक. फाइनल इयर में जब मैंने ये कविता लिखी थी उस वक़्त unicode जैसी सहूलियत नहीं थी इसलिए म … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: जमाने के सितम ने कर दिया बहुत बुरा हाल है, इंजीनियरिंग कॉलेज में जूली का ये चौथा साल है, यूँ तो क्ला … more →