खुशबू जैसे सब रिश्ते हैं, जितना थामूं उड़ जाते हैं इन रस्तों में कुछ गड़बड़ है, उसकी जानिब मुड़ जाते हैं मान रहा हूं दिल टूटा है, दर्द का रिश्ता भी झूठा है पर मानो मै रोक रहा हूँ, फिर भी रिश्ते जुड़ जाते ह… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: खुशबू जैसे सब रिश्ते हैं, जितना थामूं उड़ जाते हैं इन रस्तों में कुछ गड़बड़ है, उसकी जानिब मुड़ जाते हैं … more →