श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्। स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः।। हिंदी में भावार्थ-श्रीगीता में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि अपने धर्म से पराया धर्म श्रेष्ठ लगता है तब उसको कभी श… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 6 days ago: श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्। स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः।। हिंदी में भाव … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— तानींद्रियाण्यविकलानि तदेव ना … more →
Nishant wrote 1 month ago: बहुत पुरानी बात है. अफ्रीका के किसी भूभाग में अनानसी नामक एक व्यक्ति रहता था. पूरी दुनिया में वही सब … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: प्रारब्धानि यथाशास्त्रं कार्याण्यासनबुद्धिभिः। बनानीय मनोहारि प्रयच्छन्त्यचिसत्फलम्।। हिंदी में भावा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ‘जो जो कथै सुनै हरि कीरतन ता की दुरमति नासु।’ सगन मनोरथ पावै नानक पूरन होवै आसु।।’’ हिंदी में भावार् … more →
mequitnever wrote 1 month ago: माक्यावैली की किताब "द प्रिन्स", 1532 में प्रकाशित निकोलो माक्यावैली द्वारा, इतालवी भाष … more →
mequitnever wrote 1 month ago: 31 वर्षीय निकोलो माक्यावैली सन् 1500 में ” द प्रिन्स ” इतालवी भाषा में लिखित एक राजनीति … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हाँ कि —————————— … more →
Nishant wrote 1 month ago: एक बार मुल्ला नसीरुद्दीन पर राजदरबार में मुकदमा चला की वे राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं और … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अलिरय नलिनीदलमध्यगः मलिनीमकरंदमदालसः। विधिवशात्परदेशमुपागतः कुटजपुष्परसं बहु मन्यते।। हिन्दी में भाव … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ———————– यावत्स्वस्थमिदं … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भारतीय अध्यात्मिक ज्ञान एक तरह से स्वर्णिम शब्द रहस्यों से भरा एक समूह है बस इसका एक ही दोष है कि आ … more →