तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं आज तक भूला नहीं हूँ वह पहली झलक’ वह पहली हँसी मैं आज तक भूला नहीं हूँ दूर होकर भी हम-दोनों सा… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 8 months ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →
विनय wrote 1 year ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हमको बसाया हम कुछ दीवाने हो गये हैं हाँ, दूर ख़ुद से हो गये हैं … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अंधेरे मे छुप गया चाँद मेरा, हुआ उदास न जाने क्यों दिल मेरा, जानता हूँ न तू मेरी और न मैं तेरा, दीदा … more →
kmuskan wrote 1 year ago: तेरी इक नजर को तरसे है ये नैना पर तू ना जाने कहाँ गुम है। ख्वाबो मे इक झलक दिखलाकर फिर से ना जाने क … more →
विनय wrote 1 year ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंतिज़ार करता हूँ यारा जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा वह कब आयेगी जो … more →
विनय wrote 1 year ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में है हर पल इक तड़पन सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन चाँद जो वह … more →