नीचे तसवीर पर किल्क करना लड्डू खाने जैसा है और हां ……. लड्डू खाने के बाद चिट्ठाचर्चा चलें वहां आज मज़ेदार चर्चा चल रही है, बहुत दिनों की खामोशी के बाद सबको एक साथ एक जगह बोलते हुए अच्छा ल… more →
शुऐबshuaib wrote 2 years ago: नीचे तसवीर पर किल्क करना लड्डू खाने जैसा है और हां ……. लड्डू खाने के बाद चिट्ठाचर्चा च … more →
shuaib wrote 3 years ago: ये शब्द सुनते ही मां की ममता तडप उठती है वो किचन की ओर डोडती है और कोशिश करती है कि जल्दी से उसके ला … more →
shuaib wrote 3 years ago: हमारी कम्पनी हर दो महीने में एक बार फैशन शो करवाती है क्योंकि इसके बहुत सारे बरान्ड्स हैं जिसकी पबलि … more →
shuaib wrote 3 years ago: हर दिन ईरान को आंख मारते हुवे अमेरिका लगातार सवाब पा रहा है जबकि वो अच्छी तरह जानता है कहीं कहीं आंख … more →
shuaib wrote 3 years ago: नाम मुजीब, उम्र 32 और थोडा सा टक्ला। यहां अपने प्रोडक्शन डिपार्टमंट में इसका पोस्ट आँफिस बोई है फिलह … more →
shuaib wrote 3 years ago: भारत में सिर्फ दो बार नेट यूज़ किया जब पिछले महीने मैं छुटटी पर घर गया था। वहां आज भी अक्सर वेब सेन्ट … more →
shuaib wrote 3 years ago: जिसे बाघों का शहर भी कहा जाता था … more →
shuaib wrote 3 years ago: घर पहुंचने के बाद सबसे मिलकर गिले शिकवे दूर होवे, अम्मी ने ज़बरदस्त खाना बनाया था, उधर सामने टीवी के … more →
shuaib wrote 3 years ago: शुक्र है मेरे सर पर या आस-पास कोई केमरा नज़र नहीं आता, कम्पनी के सभी डिपार्टमंट में केमरे लगवा दिऐ। म … more →
shuaib wrote 3 years ago: घर जाने के लिए और दस दिन बाकी हैं पर पिछले एक महीने से रोज़ रात को अजीब अजीब सपने आ रहे हैं। ख्वाब मे … more →
shuaib wrote 3 years ago: बाकी भारतीयों का खयाल है के यहां का मार्केट मलबारीयों ने ही खराब किया है, अब आप ही देखिए हैदराबाद का … more →
shuaib wrote 3 years ago: अपनी वेब साईट और ब्लाग्स पर जगमगाहट वाले titles और logos बाना सब को पसंद है ताकि अपने एलेक्ट्रॉनिक प … more →
shuaib wrote 3 years ago: इस का जवाब मुझे मालूम है, मेरे उर्दू ब्लॉग पर अकसर दूसरे उर्दू ब्लॉगर्स मुझ से पूछते रहते हैं कि आखि … more →
shuaib wrote 3 years ago: मैं एक महीने की छुटटी पर अपने घर बंगलौर जा रहा हूं। यहां सम्मर शुरू हो चुका है और यहां भारती इतने है … more →
shuaib wrote 3 years ago: आखिर आप अपने बिल से बाहर कब आ औ गे? “पहले अमेरिका को वादा करना चाहिये कि हमें एक आम शहरी की ज़ि … more →
shuaib wrote 3 years ago: बुश (Bush) की किस्मत चमक उठी जब भारत ने उन्हें अपने हां आने का दावत नामा भेजा। दुनिया का सबसे बडा सक … more →
shuaib wrote 3 years ago: अरब घरों में मुलाज़िमायें अकसर फ़िल्पाइन, इन्डोन्शिया, बंगला देश और श्री लंका से होती हैं। इन लडकियों … more →