डॉ. सुनील जोगी की एक बड़ी लोकप्रिय हास्य- कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ. आनंद लीजिये……….. मुश्किल है अपना मेल प्रिये ये प्यार नहीं है खेल प्रिये तुम एम.ए. फर्स्ट डिवीजन हो मैं हुआ मैट्र… more →
चौपालSatish Chandra satyarthi wrote 6 months ago: डॉ. सुनील जोगी की एक बड़ी लोकप्रिय हास्य- कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ. आनंद लीजिये……… … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: किसी गीता से न कुरआँ से अदा होती है न बादशाहों की दौलत से अता होती है रहमतें सिर्फ़ बरसती हैं उन्हीं … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: – डॉ. सुनील जोगी जिन चराग़ों से बुर्ज़ुगों ने रौशनी की थी उन्हीं चराग़ों से हम बस्तियाँ जलाते … more →