लहराती, बलखाती, निर्मला, धवला च चंचला यमुना पैदल जाओ.. . डोली में जाओ पालकी पर जाओ या… … more →
पसंदप्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: लहराती, बलखाती, निर्मला, धवला च चंचला यमुना पैदल जाओ.. . डोली में जाओ पालकी पर जाओ या… … more →
विनय wrote 1 year ago: तुम नहीं तो रंग नहीं होली में नहीं सजता आलेखन रंगोली में है दर्द में आज भी वही मज़ा न है लुत्फ़ ग़ैर क … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं डोली लेने आऊँगा तुम दुल्हन बनकर रहना मैं भी रस्ता देखूँगी ओ मेरे दिलबर सजना प्यार हमारा जनम-जनम … more →