Go “Invisible” in Gmail, Like Yahoo Messenger ! ( दो दिनों पहले यह पोस्ट पोस्ट करने के तुरंत बाद जीमेल से लोगों को अदृश्य होना सिखाता उससे पहले चिट्ठा ही अदृश्य हो गया , पता नह… more →
॥दस्तक॥दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: कभी कभी यह मन होता है कि किसी ब्लाग लेखक के लिखे पाठ के विषय पर कुछ हम भी लिखें। इसका कारण यह है कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हीरा तहां न खोलिए,जहां खोटी है हाट कसि करि बांधो गठरी, उठि चालो बाट संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं … more →
सागर नाहर wrote 1 year ago: Go “Invisible” in Gmail, Like Yahoo Messenger ! ( दो दिनों पहले यह पोस्ट पोस्ट करने के त … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: आज चेन्नई ट्रेड सेंटर में तीन दिवसीय नैनो विज्ञान और तकनीक के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आईकानसेट -२००८ … more →
सागर नाहर wrote 1 year ago: आप जब कोई पुस्तक पढ़ रहे होते हैं और उनमें से कोई लाईनें आपको पसन्द आ जाती है तो आप उन्हें हाईलाईटर प … more →
सागर नाहर wrote 1 year ago: गूगल ने प्रोग्रामर्स या उन लोगों की मदद के लिये जो जावास्क्रिप्ट या अन्य भाषाओं … more →
सागर नाहर wrote 1 year ago: How to use polls in a blog post कई बार जब हम चिट्ठा लिखते समय किसी खास विषय पर पाठकों की टिप्पणी … more →
सागर नाहर wrote 1 year ago: वर्डप्रेस पर बने चिट्ठों को के साईडबार में दिख रही ताजा टिप्पणीयों को देखकर कभी आपके मन में भी यह आत … more →
सागर नाहर wrote 1 year ago: कल फेविकोन पर पोस्ट लिखते ही कुछ ही देर में तो जीतू भाई और पर्यानाद जी ने अपनी टिप्पणीयों में फेविको … more →
संगीता पुरी wrote 1 year ago: कुछ ही दिन हुए मुझे चिट्ठा जगत में प्रवेश के , इसलिए बहुत तरह की बातों से अनजान हूं , इससे संबंधित ज … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: वैज्ञानिक लेखों की निंदा पुराण से असंगति के कारण मैंने अपने सभी वैज्ञानिक लेखों को अपने नए ब्लॉग नैन … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: जैसाकि हमने पिछली पोस्ट में जाना कि प्रकाशिक सूक्ष्मदर्शी में दृश्य प्रकाश के प्रयोग के कारण उसकी वि … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: सूक्ष्मदर्शियों का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए आइये जानते हैं सबसे सरल और प्रचलित सूक्ष्मदर्शी को, जिसे प् … more →
सागर नाहर wrote 2 years ago: आपने कई पुस्तकों या अखबारों के लेखों में देखा होगा कि कुछ खास लाइनों को अलग से बड़े अक्षरों में दिखाय … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: जैसा कि आप सभी जानते होंगे कि सूक्ष्मदर्शी (microscope) का प्रयोग उन सूक्ष्म वस्तुओं को देखने हेतु क … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: आज से करीब सात साल पहले जब हमने पहली बार लिनक्स (या लाइनेक्स जो भी बोलें) ऑपरेटिंग सिस्टम का नाम तथा … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: “बेटा आजकल क्या कर रहे हो?” “अंकल, अभी बी. टेक. में एडमिशन लिया है|” “ … more →
अंकुर वर्मा wrote 2 years ago: नैनोटेकनोलॉजी को अलग विषय के रूप में अध्ययन करने की क्या आवश्यकता है? २० वीं शताब्दी तक हमने भौतिकी … more →
सागर नाहर wrote 2 years ago: मैने अपनी पिछली प्रविष्टी में मैने ब्लॉगरोल को घूमता हुआ दिखाने के लिये एक HTML कोड बताया था जिसको … more →