कुछ परिस्थितियाँ इन्सान को बहुत कमजोर बना देती हैं. कई लोग तो ना केवल भीतर से कमजोर हो जाते हैं, अपितु उनका बाहरी स्वरूप भी उनकी कमज़ोरी को दिखाने लगता है. पर कई लोग ऐसे होते हैं जो कमजोर तो हो जाते ह… more →
दिल और दर्द के नाम...intehaan wrote 2 months ago: कुछ परिस्थितियाँ इन्सान को बहुत कमजोर बना देती हैं. कई लोग तो ना केवल भीतर से कमजोर हो जाते हैं, अपि … more →
विनय wrote 12 months ago: जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो नहीं जानते हैं ज़रा ज़्यादा जानते हैं जो ढीठ बनके बैठा हुआ है म … more →
विनय wrote 1 year ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंतिज़ार करता हूँ यारा जिसके लिए फिरता हूँ मारा-मारा वह कब आयेगी जो … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क्या तुम जी सकोगी, बोलो…! सीने जो एक दिल है इसमें तेरा … more →
विनय wrote 1 year ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आग फिर न बुझी यह दिल की लगी है दिल से लगी है जब यह लगी है फिर … more →