मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया है मैने, हर पल को, महसूस किया है मैने, बारिश की बूँदें, हवा की ठंडक, सूरज की तपन, तन-मन मे, सजाई है … more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...Nidhi KM wrote 2 weeks ago: मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया … more →
gulabkothari wrote 5 months ago: जीवन के लिए शास्त्रों में अनेक विधान उपलब्ध कराए हैं। पुरूषार्थ एक है। ज्ञान मार्ग,कर्म मार्ग,भक्ति … more →
Nidhi KM wrote 7 months ago: आज फिर मन उदास है, कोई अपना नही पास है… चल रही हूँ जिन रहो मे, कभी … more →