कोई आया है जाने के बाद क़ब्र पर वह गया है दो गुल मुझे नज़्र कर कोई तूफ़ाँ उठा था जो… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 6 months ago: कोई आया है जाने के बाद क़ब्र पर वह गया है … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: ‘नज़र’ वो नज़र जो लग जाये तो तबाह कर द … more →