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Blogs about: तरक़ीब

जो जन शाइरी का फ़न समझते होंगे2 comments

विनय wrote 1 year ago: जो जन शाइरी का फ़न समझते होंगे हम को शाइर तो न समझते होंगे ‘विनय जी’ कैसे लिखते हैं आप ऐस … more →

Tags: रुबाइयाँ, Trick, Style, फ़न, शाइरी, Poetry, शायरी, शाइर, शायर

तरक़ीब कोई पहाड़ उठाने की

विनय wrote 1 year ago: तरक़ीब कोई पहाड़ उठाने की क्यों इसे सिर पे उठा रखा है किसके सर ये आफ़त पटकोगी शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़ … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, dido, पहाड़, सिर, सर, छेड़, Trick, Mountain, head

'विनय' इक आईना है टूटा हुआ

विनय wrote 2 years ago: क्यों खेलते हो? जल जाओगे! इक आग है ‘विनय’ तरक़ीब पे तरक़ीब खेलते हो कुछ और है ‘विनय … more →

Tags: मेरी नज़्म, दर्द, क़रीब, Frozen, मौसम, Pain, घर, आग, विनय


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