जो जन शाइरी का फ़न समझते होंगे हम को शाइर तो न समझते होंगे ‘विनय जी’ कैसे लि… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 5 months ago: जो जन शाइरी का फ़न समझते होंगे हम को शाइ … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: तरक़ीब कोई पहाड़ उठाने की क्यों इसे सिर … more →