कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली-नीली जिनसे मेरे ख़ाबों की दुनिया है उजली उसने आने से खिलते हैं गुलशन हज़ार जानता है हर कोई यहाँ जो है… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली- … more →